शनिवार, 12 जुलाई 2014
गुरुवार, 10 जुलाई 2014
bujat
मोदी सरकार के द्वारा प्रस्तुत बजट अच्छा है | इसमे विकास की नई आशा है| प्रधान मंत्री ने अपने आशा वादी दर्शन को इस बजट का आधार बनाया है | बजट में रक्षा : चिकित्सा सुविधा ; स्मार्ट शहर कृषि एवम वरिष्ठ नगरिको का ध्यान रखते हुए बहुत बड़ी राशि का प्रावधान रखना स्तुत्य है | महिला सुरक्षा पर लगभग 150 हजार करोड़ और बेटी बचाओ बेटी पढाओ पर लगभग 100 हजार करोड़ का प्रावधान श्लाघनीय है | स्मार्ट सिटी के साथ सस्ते घर की योजना भी अच्छी है नमामि गंगे योजना पर दो हजार करोड़ की योजना अत्यन्त शुभ है| इसके साथ ही नदियों को जोड़ने की योजना श्रेयस्कर है इससे कई समस्याओं का हल होगा |
चिकित्सा सम्बन्धी सुविधा दी जाने के सन्दर्भ में मेदंता के मुख्य प्रबन्धक डॉक्टर त्रेहन ने प्रशंसा की है | रोज़मर्रा की वस्तुयें सस्ती करने की योजना उचित है कोस्मेटिक का महंगा होना कोई अर्थ नही रखता है | गाँवों का विकास बिजली पानी की सुविधा देने की योजना भारत माता को नमन है क्योकि भारत माता ग्राम वासिनी है | बजट में हर पहलू का स्पर्श किया है | विकास के कई द्वार खोले है सारे दरवाजो से देश विकास का विकास हो इसी संकल्प को लेकर प्रधान मंत्री की टीम आगे बढ़ेगी |टेक्निकल शिक्षा पर बल दिया है | देश के सभी बच्चों के लिए शौचालय पेय जाल सुविधा देने का प्रावधान उत्तम है| सर्वं शिक्षा अभियान पर 28635 करोड़ रुपये का प्रावधान मंगलकारी सोच है | स्वच्छ भारत स्वच्छ मानवीय संसाधन आज की अपेक्षा है |कुल मिलाकर बजट अच्छा है सरकार को बधाई
चिकित्सा सम्बन्धी सुविधा दी जाने के सन्दर्भ में मेदंता के मुख्य प्रबन्धक डॉक्टर त्रेहन ने प्रशंसा की है | रोज़मर्रा की वस्तुयें सस्ती करने की योजना उचित है कोस्मेटिक का महंगा होना कोई अर्थ नही रखता है | गाँवों का विकास बिजली पानी की सुविधा देने की योजना भारत माता को नमन है क्योकि भारत माता ग्राम वासिनी है | बजट में हर पहलू का स्पर्श किया है | विकास के कई द्वार खोले है सारे दरवाजो से देश विकास का विकास हो इसी संकल्प को लेकर प्रधान मंत्री की टीम आगे बढ़ेगी |टेक्निकल शिक्षा पर बल दिया है | देश के सभी बच्चों के लिए शौचालय पेय जाल सुविधा देने का प्रावधान उत्तम है| सर्वं शिक्षा अभियान पर 28635 करोड़ रुपये का प्रावधान मंगलकारी सोच है | स्वच्छ भारत स्वच्छ मानवीय संसाधन आज की अपेक्षा है |कुल मिलाकर बजट अच्छा है सरकार को बधाई
रविवार, 6 जुलाई 2014
शुक्रवार, 4 जुलाई 2014
sanchetna
राजनीति में मूल्य संचेतना >राजनीति एक प्रकार से राज्य नीति है जो देश की व्यवस्था को चलाने के लिए पतवार का काम करती है लेकिन अब राजनीति एक लक्षणा बन गयी है |परस्पर विवाद तो राजनीति है परस्पर मतभेद राजनीति है कहने का अभिप्राय है कि आरोप प्रत्यारोप आलोचना प्रत्यालोचना राजनीति है | इसी रंग में रंगी है राजनीति किन्तु इससे राजनीति [राज्य की नीति] का वास्तविक स्वरूप धूमिल हो रहा है स्वच्छ राजनीति जो देश के संचालन का मापदंड है |उसको मूल्यों का आधार चाहिए | मूल्य नैतिक मापदंड है जो विवेक का सूर्य प्रकाशित करते है जो ह्मारे जीवन को संयमित करता है मूल्य एक प्रकार का ऋत् चक्र है जिसका पालन राम ने भी किया था | राम ने विराट नैतिक चक्र की रक्षा के लिए राक्षसो का वध किया बालि का वध किया |रावण का वध किया कृष्ण ने भी जब अधर्म अविवेक को राज्य की नीति पर हावी होते देखा तो अर्जुन को धर्म की रक्षार्थ युद्ध की प्रेरणा दी | आज भारतीय व्योम पर अनेकनेक समस्याएॅ है इसका कारण यही है कि विराट नैतिक चक्र की आवेह्लना हो रही है स्वार्थ के लिए प्रकृति से अनाचार सामाजिक मर्यादाओ की हत्या : मै ही सुखी रहूँ बस |ऐसी धारणा ही राज्य की नीति को विद्रुप करती है
>
राजनीति में मूल्य संचेतना >राजनीति एक प्रकार से राज्य नीति है जो देश की व्यवस्था को चलाने के लिए पतवार का कम करती है लेकिन अब राजनीति एक लक्षणा बन गयी है |परस्पर विवाद तो राजनीति है परस्पर मतभेद तो राजनीति है कहने का अभिप्राय है कि व्यंग आरोप प्रत्यारोप राजनीति है | इसी रंग में रंगी है राजनीति किन्तु इससे राजनीति [राज्य की नीति] का वास्तविक स्वरूप धूमिल हो रहा है स्वच्छ राजनीति जो देश के संचालन का मापदंड है |उसको मूल्यों का आधार चाहिए | मूल्य नैतिक मापदंड है जो विवेक का सूर्य प्रकाशित करते है जो ह्मारे जीवन को संयमित करता है मूल्य एक प्रकार का ऋत् चक्र है जिसका पालन राम ने भी किया था | राम ने विराट नैतिक चक्र की रक्षा के लिए राक्षसो का वध किया बाली का वध किया |रावण का वध किया कृष्ण ने भी जब अधर्म अविवेक को राज्य की नीति पर हावी होते देखा तो अर्जुन को धर्म की रक्षार्थ युद्ध की प्रेरणा दी | आज भारतीय व्योम पर अनेकनेक समस्याए ही इसका कारण यही है कि विराट नैतिक चक्र की आवेह्लना हो रही है स्वार्थ के लिए प्रकृति से अनाचार सामाजिक मर्यादाओ की हत्या : मै ही सुखी रहू बस |ऐसी धारणा ही राज्य की नीति को विद्रुप करती है >
सदस्यता लें
संदेश (Atom)